

अल्फ़ाज़ों की आगोश में, दिल मेरा धड़कता रहा
बारिश जो हुई ख़्वाबों पे, बादल सा भटकता रहा
इन नज़रों से ही तूने जादू है किया
फिर पता क्यूँ ना लगा? ओ, पिया, ओ, पिया
और ख़्वाबों में मेरे थोड़ा इश्क़ भर दिया
फिर पता क्यूँ ना लगा? ओ, पिया
ज़रा सा हँस के देखो ना
ये लफ़्ज़ हैं गुम से कहीं
मेरी यादों में रह ना जा कि वक़्त गुज़रता नहीं
ਲ਼ਤ ਤੇਰੀ ਲਾਗੇ, ਹਾਂ
ਸਾਨੂ ਟੱਡਪਾਵੇ, ਹਾਂ
ਕਿਤਟਹੈ ਮੈਂ ਛਿਪਾਵਾਂ, ਹਾਂ
ਯਾਦਾਂ ਸੜਦੀ ਸਾਜਨਾ
इन नज़रों से ही तूने जादू है किया
फिर पता क्यूँ ना लगा? ओ, पिया, ओ पिया
और ख़्वाबों में मेरे थोड़ा इश्क़ भर दिया
फिर पता क्यूँ ना लगा? ओ, पिया
ज़रा सा हँस के देखो ना
ये लफ़्ज़ हैं गुम से कहीं
मेरी यादों में रह ना जा कि वक़्त गुज़रता नहीं
Bron: LRCLIB
Geen luisteraarsdata
Geen serverdata
Geen recente weergaven