

Falak ShabirYouTube
एक तुझको ही बस देख के
भूली मुझको ही मेरी नज़र
तुझको शायद नहीं है ख़बर
तुझको जीते हैं हम किस कदर
जुड़े जो तेरे ख़्वाब से तो टूटे हम नींद से
ये कैसा तेरा इश्क़ है साजना
तू हाथों में तो है मेरे है क्यूँ नहीं लकीरों में
ये कैसा तेरा इश्क़ है साजना
तेरे बिना कभी रातें ना हो मेरी
तेरे करीब हो मेरे ये दिन सभी
तेरे बिना कभी रातें ना हो मेरी
तेरे करीब हो मेरे ये दिन सभी
जुड़े जो तेरे ख़्वाब से तो टूटे हम नींद से
ये कैसा तेरा इश्क़ है साजना
तू हाथों में तो है मेरे है क्यूँ नहीं लकीरों में
ये कैसा तेरा इश्क़ है साजना
तू साथ है अगर तन्हा क्यों है सफ़र
इतना बता मुझे क्यूँ है मुझसे बेखबर
तू साथ है अगर तन्हा क्यों है सफ़र
इतना बता मुझे क्यूँ है मुझसे बेखबर
जुड़े जो तेरे ख़्वाब से तो टूटे हम नींद से
ये कैसा तेरा इश्क़ है साजना
तू हाथों में तो है मेरे है क्यूँ नहीं लकीरों में
ये कैसा तेरा इश्क़ है साजना
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