

Kishore KumarYouTube
अंधे सफ़र में हम भी, तुम भी
जीवन की राहें लंबी
अंधे सफ़र में हम भी, तुम भी
जीवन की राहें लंबी
क्या तेरा, क्या मेरा, माया का है फेरा
काहे को भूले धरम भी? हो
अंधे सफ़र में हम भी, तुम भी
जीवन की राहें लंबी
शीशे के घर में से मारो ना पत्थर, हो-हो
शीशे के घर में से मारो ना पत्थर
बड़ा बेरहम है क़िस्मत का चक्कर
...क़िस्मत का चक्कर
खो दोगे हीरा जनम भी, हो
अंधे सफ़र में हम भी, तुम भी
जीवन की राहें लंबी
माटी का मेला है सारा झमेला, हो-हो
माटी का मेला है सारा झमेला
पिंजरे का पंछी उड़ेगा अकेला
...उड़ेगा अकेला
छूटेगा झूठा भरम भी, हो
अंधे सफ़र में हम भी, तुम भी
जीवन की राहें लंबी
Källa: LRCLIB
Ingen lyssnardata
Ingen serverdata
Inga senaste spelningar