

Shani ArshadYouTube
उसे सौ दफा पुकारा है दिल ने मगर
मेरे दिल की बात वो सुन ना सका
जो आंखों में थी मेरे अनसून की तरह
बिखरी वोह खुवाहिसियां, चुन ना सका
अकेले चलते चलते, हो साये जैसे ढलते
रहे क्यूं हां फसले सदा दर्मिया
वो मिला क्यूं था अगर उस ने बिछड़ना था
मुकद्दर दिल का था शायद
मुझे आख़िर मुझे बिकरना था
तमन्ना क्यूं द जीने की
अगर वो ही मेरा ना था
कोई ऐसा दर्द दे, निकल जाए जान
निकल जाए जान
तुझे चाहना, मोहब्बत से मिलना तुझे
अभी मुजमे मैं वो लगन बाकी तो है
हाँ बे-इम्तेहा तेरे बिन सुलगना मेरा
मेरी सांसें मैं अगन बाकी तो है
तजली हो जो तेरी, तो राते जागी मेरी
रहे मिल के प्यार से ज़मीन आसमान
हो वो मिला क्यूं था अगर उससे बिछड़ना था
मुकद्दर दिल का था शायद
मुझे आख़िर मुझे बिखरना था
तमन्ना क्यूं दी जीने की
अगर वो ही मेरा ना था
कोई ऐसा दर्द दे, निकल जाये जान
निकल जाये जान
जीऊ मैं जरा, मुझे दे तू दिल मैं जगा
मिले मुझको को दूप मैं साया तेरा
तेरे बिन नहीं सुकून जिंदगी में नहीं
भिगू जरा, दिल बंजर मेरा
अँधेरे मेरे गहरे सीतारों से भी पहरे
मेरे गम की रात मैं हो तुम कहकशां
हो वो मिला क्यूं था अगर उससे बिछड़ना था
मुकद्दर दिल का था शायद
मुझे आख़िर बिखरना था
तमना क्यूं द जीने की अगर वो ही मेरा ना था
कोई ऐसा दर्द दे, निकल जाये जान निकल जाये जान
Kilde: LRCLIB
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