

आए जज़्बा-ए-दिल गर मैं चाहूं
हर चीज़ मुक़ाबिल आजाए
ए जज़्बा-ए-दिल गर मैं चाहूं
हर चीज़ मुक़ाबिल आजाए
मंज़िल के लिए दो गाम चलूं
और सामने मंज़िल आजाए
ए जज़्बा-ए-दिल गर मैं चाहूं
ए दिल की खलिश चल यूँ ही सही
चलता तो हूँ उन की महफ़िल मैं
ए दिल की खलिश चल यूँ ही सही
चलता तो हूँ उन की महफ़िल मैं
उस वक़्त मुझे चौंका देना
जब रंग पाई महफ़िल आजाए
ए जज़्बा-ए-दिल गर मैं चाहूं
ए रहबार-ए-कमिल चलने को
तैयार तो हूँ पर याद रहे
ए रहबार-ए-कमिल चलने को
तैयार तो हूँ पर याद रहे
उस वक़्त मुझे भटका देना
जब सामने मंज़िल आजाए
ए जज़्बा-ए-दिल गर मैं चाहूं
हाँ याद मुझे तुम कर लेना
आवाज़ मुझे तुम दे लेना
हाँ याद मुझे तुम कर लेना
आवाज़ मुझे तुम दे लेना
इस रह-ए-मुहब्बत में कोई
दरपेस जो मुश्किल आजाए
ए जज़्बा-ए-दिल गर मैं चाहूं
हर चीज़ मुक़ाबिल आजाए
मंज़िल के लिए दो गाम चलूं
और सामने मंज़िल आजाए
ए जज़्बा-ए-दिल गर मैं चाहूं
Kilde: LRCLIB
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