

हसरत ही रही, हम से भी कभी
कोई प्यार करता, कोई प्यार करता
हसरत ही रही, हम से भी कभी
कोई प्यार करता, कोई प्यार करता
कोई दिल पे हमारे भी मीठी नज़र
एक बार करता, कोई प्यार करता
निकले थे हम दिल की झोली लिए
दुनिया ने काँटे ही काँटे दिए
निकले थे हम दिल की झोली लिए
दुनिया ने काँटे ही काँटे दिए
इतने तो बुरे ना थे, हम से नज़र
कोई चार करता, कोई प्यार करता
हसरत ही रही, हम से भी कभी
कोई प्यार करता, कोई प्यार करता
दुनिया में क्या-क्या ना मेले रहे
हम थे अकेले, अकेले रहे
दुनिया में क्या-क्या ना मेले रहे
हम थे अकेले, अकेले रहे
दिल रखते थे हम, हम को भी
कोई दिलदार करता, कोई प्यार करता
हसरत ही रही, हम से भी कभी
कोई प्यार करता, कोई प्यार करता
माँगी थी हम ने ख़ुदाई कहाँ
ठोकर पे ठोकर मिली जो यहाँ
माँगी थी हम ने ख़ुदाई कहाँ
ठोकर पे ठोकर मिली जो यहाँ
क्या जाता अगर कोई दिल का नगर
गुलज़ार करता? कोई प्यार करता
हसरत ही रही, हम से भी कभी
कोई प्यार करता, कोई प्यार करता
कोई दिल पे हमारे भी मीठी नज़र
एक बार करता, कोई प्यार करता
Fuente: LRCLIB
Aún no hay canciones similares
Sin datos de oyentes
Sin datos de servidor
Sin reproducciones recientes