

Mohit ChauhanYouTube
चाकरी सी पैरो मे पहिया पहिया अइया अइया ओहो
आसमान सरपट घुमा ओ ओ
नही सुना से हम ने तो ओ ओ ओ
रानी घूमे घूमे गोरे गोरे पैरो से
चीक चीक ज़रा, पानी फिर नौ दो ग्यारह
रात तो किसके आती, इक दिन मे जूते बारह
राजा का चढ़ गया परा, खबरी को पास पुकारा
यह क्या है माजरा, देखो ओ
जाती कहा है वो खबरी ने पीछा किया
रानी को घर से रातो को दो ज़ख़्मे जाते देखा
हवा हवा, हवा हवा, हवा हवा, हवा हवा
शोले बहके रानी बहके, नाच रंगीले, सब ज़हरीले
खबरी चक्राया उल्टे पाँव रुक गया तो बतलाया उसने
हवा हवा, रानी हवा, हवा हवा हवा
नाची रे मगन तोड़ा माहिया सिपाहिया, जो नाचे ढाए डाए
रुके ना फिर पाँव पाँव पाँव, हवा हवा धीमा हया
हवा हवा रुके ना फिर पाँव पाँव पाँव
राजा ताल्ल आया डोर रोज़ाना
बारह जूतो को घिस रानी किस्सा है ऐसा ऊ
हवा हवा, हवा हवा, पाँव रुके ना, किसी के रोके
ये तो चलेंगे, नाच लेंगे, यहा वाहा यारा मस्ती मे
चिढ़ कर गुस्से मे बोला राजा
ओह रानी, क्यू फटकी मेरी पोछी, ओह नाक कटाई, वात लगाई
तूने तलवाही मेरी इज़्ज़त की भाजिया, आज से तेरा बाँध बाहर है जाना
यह सुनकर रानी मुस्काई बोली वो गाना
सोने की दीवारे, मुझे खुशी ना यह दे पाए
आज़ादी दे दे मुझे मेरे खुदा, ले ले तू दौलत और कर दे रिहा
हवा हवा, हवा हवा, हवा हवा, हवा हवा
मचल के, रोज़ खुल के
जो ना किया था, किया गंदे मंडे बंडो मे
थी मलांग वो अपने रंग घूमे फिरे झूमे नाचे
वो गोरे से पाँव पाँव पाँव, पा पा पाँव पाँव पाँव
पाँव पाँव पाँव, पा पा पाँव पाँव पाँव
पाँव पाँव पाँव, पा पा पाँव पाँव पाँव
हवा हवा ओह रानी हवा, पाँव रुके ना, किसी के रोके टोक ओक
ये तो चलेंगे, नाच लेंगे, यहा वाहा जहा ताहा कहा कहा पाँव
चिकी चिकी तारा हवा हवा, हवा हवा, हवा हवा, हवा हवा
Fuente: LRCLIB
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