

उतरा उतरा मौसम ढलके पलकों में
कत्रा कत्रा आ इस पल को मैं
सूरज की कुछ बूँदें टपकी है पेशानी पे
सरगोशी में खुद से करती हूँ मैं हैरानी में
यही मेरी जिंदगी है, जिंदगी है, जिंदगी, जिंदगी
यही मेरी जिंदगी है, जिंदगी है, जिंदगी, जिंदगी
यही मेरी जिंदगी है, जिंदगी है, जिंदगी, जिंदगी
यही मेरी जिंदगी है, जिंदगी है, जिंदगी, जिंदगी
ये मेरे पल, मेरे दिन
जैसे हो चाँद सब्ज़ शाखे एक सजर पे खिली
है मेरे सब सपने रंग डाले
जी भरके दिल में लेके उजाले
खिलखिला के मैं तो उड़ चली हो ओ
कुदरत मुस्कुराती है मेरी नादानी पे
सरगोशी खुद से कहती हूँ मैं हैरानी में
यही मेरी जिंदगी है, जिंदगी है, जिंदगी, जिंदगी
यही मेरी जिंदगी है, जिंदगी है, जिंदगी, जिंदगी
यही मेरी जिंदगी है, जिंदगी है, जिंदगी, जिंदगी
यही मेरी जिंदगी है, जिंदगी है, जिंदगी, जिंदगी
उतरा उतरा मौसम ढलके पलकों में
कत्रा कत्रा आ इस पल को मैं
Source : LRCLIB
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